हैवान बनायेमानव देखोकामान्ध हो बन बैठासर्प विशैलादंष दियाडस लियानारी देह को हैवान बनायेमानव देखोकामान्ध हो बन बैठासर्प विशैलादंष दियाडस लियानारी देह को
वापस इसका नदियाँ हो रही विशैली सूख रहे सब ताल-तलैया प्रदूषित सारी प्राणवायु तड़फ़ रहे जीवन स्नायु वापस इसका नदियाँ हो रही विशैली सूख रहे सब ताल-तलैया प्रदूषित सारी प्राणवायु तड़फ़...